भारतेन्दु युग के निबंधों में तीन नाम निर्धारित हैं — भारतेन्दु के 'दिल्ली दरबार दर्पण' और 'भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है', प्रताप नारायण मिश्र का 'शिवमूर्त्ति' और बालकृष्ण भट्ट के 'शिवशंभु के चिट्ठे'। भारतेन्दु का 'भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है' (1884, बलिया व्याख्यान) हिन्दी का प्रथम राष्ट्रीय निबंध माना जाता है — इसमें देश की उन्नति के उपाय बताए गए हैं। भट्ट के 'शिवशंभु के चिट्ठे' अंग्रेज़ी शासन पर व्यंग्य-चिट्ठियों की परंपरा है।
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भारतेन्दु युग के निबंध
Hindi (Code 20) · Unit 9 · ~10 min read · Original chapter
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