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समकालीन नाटक

Hindi (Code 20) · Unit 8 · ~11 min read · Original chapter

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समकालीन नाटकों में पाँच नाम निर्धारित हैं — हबीब तनवीर का 'आगरा बाज़ार', सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की 'बकरी', शंकर शेष का 'एक और द्रोणाचार्य', उपेन्द्रनाथ अश्क का 'अंजो दीदी' और मन्नू भंडारी का 'महाभोज'। हबीब तनवीर ने छत्तीसगढ़ी लोक-नाट्य (नाचा) के कलाकारों के साथ 'आगरा बाज़ार' को जन-नाटक बनाया; 'बकरी' में भ्रष्टाचार का व्यंग्य है — बकरी ही राजनीति का प्रतीक बन जाती है; 'एक और द्रोणाचार्य' में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा-व्यवस्था पर प्रश्न है; 'महाभोज' में जातिगत हिंसा और राजनीति का चित्र है।

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