आधुनिक नाटकों में तीन नाम निर्धारित हैं — धर्मवीर भारती का 'अंधायुग', लक्ष्मीनारायण लाल का 'सिंदूर की होली' और मोहन राकेश के 'आधे-अधूरे' और 'आषाढ़ का एक दिन'। 'अंधायुग' महाभारत के 18वें दिन की कथा से युद्धोत्तर अंधत्व का प्रतीक बनाता है — अश्वत्थामा, गांधारी, युयुत्सु के माध्यम से। 'आधे-अधूरे' मध्यवर्गीय परिवार के विघटन का नाटक है; 'आषाढ़ का एक दिन' में कालिदास की कथा से कला और जीवन का द्वंद्व है।
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आधुनिक नाटक
Hindi (Code 20) · Unit 8 · ~11 min read · Original chapter
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