परवर्ती कहानियों में बारह नाम निर्धारित हैं — जैनेन्द्र का 'अपना-अपना भाग्य', रेणु की 'तीसरी कसम' और 'लाल पान की बेगम', अज्ञेय की 'गैंग्रीन', शेखर जोशी की 'कोसी का घटवार', भीष्म साहनी की 'अमृतसर आ गया है' और 'चीफ की दावत', कृष्णा सोबती की 'सिक्का बदल गया', परसाई की 'इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर', ज्ञानरंजन की 'पिता', कमलेश्वर की 'राजा निरबंसिया' और निर्मल वर्मा की 'परिंदे'। इनमें नई कहानी, मनोवैज्ञानिक कहानी, व्यंग्य और विभाजन की त्रासदी — सब कुछ है।
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परवर्ती कहानी
Hindi (Code 20) · Unit 7 · ~12 min read · Original chapter
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