हिन्दी के प्रारंभिक उपन्यासों में दो नाम पाठ्यक्रम में निर्धारित हैं — पं. गौरीदत्त का 'देवरानी जेठानी की कहानी' (1870) और लाला श्रीनिवास दास का 'परीक्षा गुरु' (1882)। 'देवरानी जेठानी की कहानी' को प्रायः हिन्दी का प्रथम मौलिक उपन्यास माना जाता है — इसमें दो बहुओं के चरित्र-विरोध से गृह-जीवन का चित्र है। 'परीक्षा गुरु' को प्रथम उपन्यास कहने की परंपरा भी है — इसमें मदनमोहन के पतन और सुधार की कथा से नैतिक शिक्षा दी गई है। दोनों में सुधारवादी उद्देश्य प्रधान है।
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प्रारंभिक उपन्यास
Hindi (Code 20) · Unit 6 · ~10 min read · Original chapter
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