परवर्ती उपन्यासों में दस निर्धारित रचनाएँ हैं — अज्ञेय का 'शेखर एक जीवनी' (भाग 1), हजारी प्रसाद द्विवेदी का 'बाणभट्ट की आत्मकथा', रेणु का 'मैला आंचल', यशपाल का 'झूठा सच', नागर का 'मानस का हंस', भीष्म साहनी का 'तमस', श्रीलाल शुक्ल का 'राग दरबारी', कृष्णा सोबती का 'जिन्दगीनामा', मन्नू भंडारी का 'आपका बंटी' और जगदीश चंद्र का 'धरती धन न अपना'। इनमें मनोवैज्ञानिक, आंचलिक, राजनीतिक, व्यंग्यात्मक और दलित-चेतना की धाराएँ एक साथ दिखती हैं।
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परवर्ती उपन्यास
Hindi (Code 20) · Unit 6 · ~12 min read · Original chapter
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