आधुनिक हिन्दी साहित्य चार विचारधाराओं और चार अस्मितामूलक विमर्शों से गहरे प्रभावित है। मार्क्सवाद साहित्य को वर्ग-संघर्ष और आर्थिक आधार से जोड़ता है; मनोविश्लेषणवाद (फ्रायड) अचेतन और स्वप्न-प्रतीकों से; अस्तित्ववाद (सार्त्र) स्वतंत्रता और उत्तरदायित्व से; उत्तर-आधुनिकतावाद महावृत्तांतों (grand narratives) पर संदेह से। अस्मितामूलक विमर्श — दलित, स्त्री, आदिवासी और अल्पसंख्यक — उन आवाज़ों को केंद्र में लाते हैं जो मुख्यधारा में हाशिए पर थीं।
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विचारधाराएँ और अस्मितामूलक विमर्श
Hindi (Code 20) · Unit 4 · ~11 min read · Original chapter
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