भारतीय नवजागरण 19वीं शताब्दी का वह बौद्धिक आंदोलन है जिसने परंपरा की आलोचना और आधुनिकता की स्वीकृति — दोनों एक साथ किए। राजा राममोहन राय, दयानंद सरस्वती, विवेकानंद और ज्योतिबा फुले जैसे चिंतकों ने सती, बाल-विवाह और जातिगत भेदभाव का विरोध किया और शिक्षा, विज्ञान और स्त्री-शिक्षा का समर्थन किया। स्वाधीनता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि यहीं बनी — राष्ट्रवाद, स्वराज और सामाजिक सुधार एक ही चेतना के अंग थे।
Premium Chapter
भारतीय नवजागरण
Hindi (Code 20) · Unit 4 · ~11 min read · Original chapter
Free previewPremium full chapter
Free preview
Checking premium access…