राममनोहर लोहिया का समाजवाद गांधी और मार्क्स दोनों से अलग था — उन्होंने 'सप्त क्रांति' का सिद्धान्त दिया: सात क्रांतियाँ एक साथ चलें — नर-नारी समता, रंग-भेद का अंत, जाति-प्रथा का अंत, विदेशी दासता से मुक्ति, आर्थिक समता, हिंसा के विरुद्ध सत्याग्रह और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा। लोहिया ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में दृढ़ता से वकालत की और अंग्रेज़ी के वर्चस्व का विरोध किया — 'अंग्रेज़ी हटाओ' उनका नारा था।
Premium Chapter
लोहिया दर्शन
Hindi (Code 20) · Unit 4 · ~10 min read · Original chapter
Free previewPremium full chapter
Free preview
Checking premium access…