भक्तिकाल हिन्दी का स्वर्ण युग कहलाता है। इसके उदय के पीछे सामाजिक-सांस्कृतिक कारण थे — जाति-व्यवस्था की जकड़न, इस्लामी शासन के संपर्क से उत्पन्न प्रश्न, और दक्षिण से आई भक्ति-लहर। दो बड़ी धाराएँ बनीं: निर्गुण (कबीर, जायसी) और सगुण (सूर, तुलसी, मीरा)। उदाहरण: कबीर की उलटबाँसी रूढ़ियों पर सीधा प्रहार है, तो तुलसी का राम मर्यादा का आदर्श है — दोनों एक ही युग की दो दिशाएँ हैं।
Premium Chapter
भक्तिकाल
Hindi (Code 20) · Unit 2 · ~12 min read · Original chapter
Free previewPremium full chapter
Free preview
Checking premium access…