मुख्य विधाओं के अलावा हिन्दी में सात आत्मपरक गद्य-विधाएँ विकसित हुईं — रेखाचित्र, संस्मरण, यात्रा साहित्य, आत्मकथा, जीवनी, रिपोर्ताज और डायरी। इनका अंतर समझना परीक्षा के लिए अनिवार्य है: रेखाचित्र में चरित्र-चित्रण प्रधान है, संस्मरण में स्मृति, यात्रा में स्थान-अनुभव, आत्मकथा में स्वयं का जीवन, जीवनी में दूसरे का जीवन। उदाहरण: महादेवी का 'अतीत के चलचित्र' रेखाचित्र है, 'पथ के साथी' संस्मरण।
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हिन्दी की अन्य गद्य विधाएँ
Hindi (Code 20) · Unit 2 · ~10 min read · Original chapter
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