आदिकाल (लगभग 10वीं–14वीं शताब्दी) में हिन्दी की चार धाराएँ साथ-साथ बहीं — रासो साहित्य (वीरगाथा), जैन साहित्य, सिद्ध-नाथ साहित्य और लौकिक साहित्य। अमीर खुसरो की पहेलियाँ-मुकरियाँ खड़ीबोली की शुरुआती झलक हैं, और विद्यापति की पदावली मैथिली में भक्ति-शृंगार का सेतु है। उदाहरण: पृथ्वीराज रासो का 'रेवा तट' प्रसंग वीरकाव्य की शैली का नमूना है।
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आदिकाल
Hindi (Code 20) · Unit 2 · ~11 min read · Original chapter
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