आधुनिक काल भारतेन्दु से शुरू होता है — 1857 की क्रांति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पृष्ठभूमि में हिन्दी गद्य का उद्भव हुआ। फिर द्विवेदी युग (सरस्वती पत्रिका, खड़ीबोली का परिष्कार), छायावाद (प्रसाद, निराला, पंत, महादेवी), प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नई कविता की धारा चली। उदाहरण: छायावाद की पहचान 'प्रकृति का मानवीकरण और वैयक्तिक अनुभूति' है — पंत की 'प्रथम रश्मि' में प्रकृति जीवंत चरित्र बन जाती है।
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आधुनिक काल
Hindi (Code 20) · Unit 2 · ~12 min read · Original chapter
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