हिन्दी का भाषिक स्वरूप चार स्तरों पर समझा जाता है — ध्वनि, शब्द, रूप और वाक्य। स्वनिम-व्यवस्था में खंड्य (स्वर-व्यंजन) और खंड्येतर (सुर, बलाघात, अनुतान) दोनों आते हैं; शब्द-रचना में उपसर्ग, प्रत्यय और समास; रूप-रचना में लिंग, वचन और कारक; वाक्य-रचना में कर्ता-कर्म-क्रिया का क्रम। उदाहरण: 'अ' + 'पढ़' + 'ना' = अपढ़ना नहीं, बल्कि 'पढ़ना' में 'ना' कृत्-प्रत्यय है — यही विश्लेषण परीक्षा में पूछा जाता है।
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हिन्दी का भाषिक स्वरूप
Hindi (Code 20) · Unit 1 · ~11 min read · Original chapter
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